हाईटेक लैब की स्थापना व रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम से बना IGIMS देश का अग्रणी संस्थान: मंगल पांडेय

10 करोड़ की लागत से एनेस्थीसिया सिमुलेशन लेबोरेट्री और 40 करोड़ की लागत से क्रय रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की सुविधाओं का मंत्री मंगल पांडेय ने किया शुभारंभ। IGIMS में किडनी प्रत्यारोपण के 10 वर्ष पूर्ण, 138 सफल प्रत्यारोपण बड़ी उपलब्धि ।

हाईटेक लैब की स्थापना व रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम से बना IGIMS देश का अग्रणी संस्थान: मंगल पांडेय
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पटना।  IGIMS में शनिवार को विश्व किडनी दिवस -2026 के उपलक्ष्य पर ’’किडनी ट्रांसप्लांट मीट-2026’’  का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने  IGIMS परिसर में एनेस्थीसिया सिमुलेशन लेबोरेट्री की सुविधाओं और रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की सुविधाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था से मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व और मार्गदर्शन में बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है तथा लोगों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान दीघा विधायक संजीव चौरसिया भी मौजूद रहे।

मंगल पांडेय ने कहा कि एनेस्थीसिया सिमुलेशन लेबोरेट्री की स्थापना IGIMS में की गई है। यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला एलीवेट हेल्थकेयर इंक, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा निर्मित उपकरणों से सुसज्जित है। यह लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की गई है। जिसमें 10 वर्षों की व्यापक वार्षिक अनुरक्षण सेवा भी शामिल है। यह सुविधा चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अनुकरण प्रयोगशाला के माध्यम से एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, रेजिडेंट चिकित्सकों तथा चिकित्सा विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों के समान वातावरण में प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा। इस अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधा की स्थापना से  IGIMS देश के अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में शामिल होगा। 

मंगल पांडेय ने कहा कि रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की सुविधाओं का भी शुभारंभ किया गया। यह अत्यंत गर्व का विषय है कि द विंची एक्सआई शल्य प्रणाली, जिसे इंट्यूटिव सर्जिकल इंक, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा निर्मित किया गया है, जिसको  IGIMS में स्थापित किया गया है। लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से क्रय किया गया। यह अत्याधुनिक रोबोटिक शल्य प्रणाली, जिसमें 10 वर्षों की व्यापक वार्षिक अनुरक्षण सेवा भी शामिल है। राज्य में अति-विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस अत्याधुनिक प्रणाली की स्थापना के साथ ही IGIMS देश के उन अग्रणी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जहां रोबोटिक सहायता प्राप्त शल्य चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध है। बिहार सरकार के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से  IGIMS में मार्च 2016 में किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम सफलतापूर्वक शुरू किया गया, जिसे आज दस वर्ष पूरे हो चुके हैं। स्थापना के बाद से अब तक  IGIMS में 138 किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं, जिनके परिणाम देश के प्रमुख प्रत्यारोपण केंद्रों के समान हैं। इस अवसर पर IGIMS के निदेशक डॉ. बिन्दे, डॉ. एन. आर. विश्वास, डॉ. हेमंत कुमार, डॉ. ओम कुमार, डॉ. विश्वास, सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, आईजीआईएमएस के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट।